गणेश-अम्बिका पूजन विधि | वैदिक एवं लौकिक मंत्र सहित
सनातन परंपरा में भगवान श्री गणेश एवं माता अम्बिका (गौरी) का पूजन हर शुभ और मंगल कार्य की पावन शुरुआत माना जाता है। भगवान गणेश विघ्नों का नाश कर कार्यों को सफल बनाते हैं, जबकि माता अम्बिका जीवन में शक्ति, पवित्रता, सौभाग्य और समृद्धि का संचार करती हैं। इसी कारण व्रत, विवाह, गृह-प्रवेश, गणेश चतुर्थी , हरितालिका तीज तथा अन्य शुभ अवसरों पर गणेश-अम्बिका पूजन विधि का विशेष महत्व बताया गया है। इस लेख में गणेश-अम्बिका पूजन विधि को पूर्ण वैदिक एवं लौकिक (पौराणिक) मंत्रों सहित क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है। सभी मंत्र शुद्ध और पूर्ण रूप में दिए गए हैं, जिससे आप बिना किसी भ्रम के घर पर शास्त्रसम्मत एवं श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकें। यदि आप चाहते हैं कि आपका पूजन विधिपूर्वक सम्पन्न हो और भगवान गणेश व माता अम्बिका की कृपा आपके जीवन में सदैव बनी रहे, तो यह गणेश-अम्बिका पूजन विधि (मंत्र सहित) आपके लिए एक विश्वसनीय, उपयोगी और सरल मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर सबसे पहले ध्यान करें। 1. गणेश-गौरी ध्यान मंत्र: गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक...